Wednesday, December 14, 2016

🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷ॐ अनेजदेकं मनसो जवीयो नैनद्देवाआप्नुवन् पूर्वमर्शत्| तद्धावतो अन्यानत्येति...

🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷ॐ अनेजदेकं मनसो जवीयो नैनद्देवाआप्नुवन् पूर्वमर्शत्| तद्धावतो अन्यानत्येति तिष्ठत्तस्मिन्नपो मातरिश्वा दधाति ||~~न्यायदर्शन~यजुर्वेद~४०~४~~पद्यानुवाद~~~~~अद्वितीय निश्चल अकम्पन्, मन से तीव्र है वेगवान| पहले से व्यापक वह ठहरा, देख न पाये अविद्वान्| सब जीवों को धारण कर, सबको नियमों में चलाने वाला| अंतर्यामी घट घट वासी, खुद ही खुद से मिलाने वाला|| आओ विमल प्रशांत बना मन, सूक्ष्मातिसूक्ष्म प्रभु को ध्यावें| अतुलनीय उस परमेश्वर के, अमृत मोक्षानंद को पावें||👏


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