Thursday, July 2, 2015

🌞 ओ३म् 🌞  नमस्ते जी, सुप्रभातम्  वेदामृतम् सर्वं परिक्रोशं जहि । (ऋग्वेद १/३०/७) सब विलाप (रोना)...

🌞 ओ३म् 🌞
 नमस्ते जी, सुप्रभातम् 

वेदामृतम्

सर्वं परिक्रोशं जहि । (ऋग्वेद १/३०/७)
सब विलाप (रोना) चिन्ता आदि को मार भगादो ।
मनुष्य को चिन्ता, शोक, आदि का त्याग करके पुरूषार्थ करना चाहिए ।

 सुभाषितम् 

॥ शारीरिक तप ॥
देव-द्विज -गुरु-प्राज्ञ-पूजनं शौचमार्जवम् । ब्रह्मचर्यमहिंसा च , शारीरं तप उच्यते ॥ 
(महाभारत भीष्मपर्व ४१/१४)

दिव्यगुणी जन, द्विज, आचार्य पिता-माता आदि और विद्वज्जन इनकी सेवा तथा सत्कार करना, पवित्रता, सरलता, ब्रह्मचर्य और अहिंसा इन सबका अनुष्ठान शारीरिक तप कहा जाता है ।

🌞 आज का पंचांग🌞

तिथि………प्रतिपदा ५-४५ तक
क्षयतिथि ……..द्वितीया
वार…………..शुक्रवार
नक्षत्र ………उत्तराषाढा
योग………….इन्द्र

(समय मान जयपुर का है) 
सूर्योदय ———– ५-४१
सूर्यास्त ———–१९-२०
चन्द्रोदय ———-२०-२४
चन्द्रास्त ———-६-४६
सूर्य राशि ———-मिथुन
चन्द्र राशि———-धनु

सृष्टि संवत् -१,९६,०८,५३,११६
कलियुगाब्द……………५११६
विक्रमी संवत्…………..२०७२
अयन……………..उत्तरायण
ऋतु……………………ग्रीष्म
मास पूर्णिमांत——-आषाढ 
(अधिक मास) 
विक्रमी संवत् (गुजरात)-२०७१
मास अमांत( गुजरात)…..आषाढ
पक्ष………………… कृष्ण

आंग्ल मतानुसार
३ जुलाई सन् २०१५ ईस्वी ।

आज का दिनों आपके लिए मंगलमय एवं शुभ हो।


from Tumblr http://ift.tt/1ITosX6
via IFTTT

No comments:

Post a Comment