🌻वेदामृतम्🌻
व्रतं कृणुत ।(यजुर्वेद ४/११)
मनुष्य को शुभ कर्म करने का व्रत (नियम) लेना चाहिए ।
🌹🌹 सुभाषितम् 🌹
॥ मोक्ष - (मुक्ति) ॥
वेदाभ्यासस्तपो ज्ञानमिन्द्रियाणां च संयम: । अहिंसा गुरुसेवा च , नि:श्रेयसकरम्परम् ॥
(मनुस्मृति १२/८३)
वेदों का अभ्यास , तपस्या, ज्ञान, इन्द्रियों का संयम, अहिंसा और आचार्य, माता - पिता आदि गुरुजनों की सेवा ये मोक्ष प्राप्ति कराने वाले श्रेष्ठ साधन हैं ।
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🌞 आज का पंचांग🌞
तिथि………..नवमी
वार…………..शुक्रवार
नक्षत्र ……….अश्विनी
योग…………सुकर्मा
(समय मान जयपुर का है)
सूर्योदय ———– ५-४३
सूर्यास्त ———–१९-२०
चन्द्रोदय ———-२५-३६
चन्द्रास्त ———-१४-०१
सूर्य राशि ———-मिथुन
चन्द्र राशि———मेष
सृष्टि संवत् -१,९६,०८,५३,११६
कलियुगाब्द……………५११६
विक्रमी संवत्…………..२०७२
अयन……………..उत्तरायण
ऋतु……………………ग्रीष्म
मास पूर्णिमांत——-आषाढ
(अधिक मास)
विक्रमी संवत् (गुजरात)-२०७१
मास अमांत( गुजरात)…..आषाढ
पक्ष………………… कृष्ण
आंग्ल मतानुसार १० जुलाई सन् २०१५ ईस्वी ।
🌻आज का दिन आपके लिए मंगलमय एवं शुभ हो । 🌻
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