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स्वास्ति पंथमनु चरेम सुरयचंद्रमसाविव ।
पुनदर्दताघ्नता जानता गमेमहि ।।
🍁🍁 अर्थात 🍁🍁
हे मनुष्य ! सूर्य - चंद्रमा जिस प्रकार नियमित रूप से अपने निर्धारित पथ पर चलते रहते हैं , उसी प्रकार तुम्हे भी न्याय का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए ।
—– ऋग्वेद ५\५१\१५
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