Saturday, April 11, 2015

🌟🌟🌟कर्ज 🌟🌟🌟 बुधिया मृत्यु शय्या पर था I टोला भर में बातें हो रही थी I “ प्राण अटके हैं ,दान...

🌟🌟🌟कर्ज 🌟🌟🌟


बुधिया मृत्यु शय्या पर था I टोला भर में बातें हो रही थी I “ प्राण अटके हैं ,दान पुन होखे के चाहीं !! ”

पंडित जी भी बोले –“ बिटवा , माई बाप का कर्ज होत है औलाद पर , वैतरणी पार करा इनका मुक्ति दिलाय दियो !! ”

किसना अच्छे से जानत रहा एका मतलब !!

बोला - “ पंडित जी , भगवान आउर हमरे बापू , दुनो जानत हैं हमरी दसा ! इतना भरोसा हैं हमका कि दुनो कबहु नाही चाहिबे ,हम एक कर्ज ले दूसरा कर्ज उतारी !! ”

सायद बापू आउर भगवान दुनो संतुष्ट होइ गए इ उत्तर सुन !!




from Tumblr http://ift.tt/1ylR1xB

via IFTTT

No comments:

Post a Comment