Monday, May 4, 2015

*************************** 🙏★ सभी को हार्दिक नमस्ते ★🙏 ****************************** 🎁★ आपके लिए...

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🙏★ सभी को हार्दिक नमस्ते ★🙏
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🎁★ आपके लिए प्रभु-प्रसाद ★🎁
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★★★आर्य लिए काल गणना ★★★
क्रति = सैकन्ड का 34000वाँ भाग
1 त्रुति = सैकन्ड का 300वाँ भाग
2 त्रुति = 1 लव
1 लव = 1 क्षण
30 क्षण = 1 विपल
60 विपल = 1 पल
60 पल = 1 घड़ी (24 मिनट )
2.5 घड़ी = 1 होरा (घन्टा)
24 होरा = 1 दिवस (दिन या वार)
7 दिवस = 1 सप्ताह
4 सप्ताह = 1 माह
2 माह = 1 ऋतु
6 ऋतु = 1 वर्ष
–100 वर्ष = 1 शताब्दी
10 शताब्दी = 1 सहस्राब्दी = 1000 वर्ष
432 सहस्राब्दी = 1 युग = 432000 वर्ष
—1 युग = 1 कलि युग = 432000 वर्ष
—2 युग = 1 द्वापर युग = 864000 वर्ष
—3 युग = 1 त्रेता युग = 1728000 वर्ष
—-4 युग = 1 सतयुग = 3456000 वर्ष
1 सतयुग = 1 संधिकाल
1 महायुग = 1चतुर्युगी
1 चतुर्युगी = (1सत+1त्रेता+1द्वापर+1कलि) युग
1 महायुग =4320000 वर्ष
76 महायुग = 1 मनवन्तर = 328320000 वर्ष
1000 महायुग = 1 कल्प = 4320000000 वर्ष
1 कल्प = 14 मनवन्तर + 15 संधिकाल
1000 महायुग = 1 कल्प
1 कल्प = 1सृष्टिकाल
1सृष्टिकाल = 1 ब्रह्म दिवस
1 नित्य प्रलय = 1 महायुग
(धरती पर जीवन अन्त और फिर आरम्भ)
1 नैमितिका प्रलय = 1 कल्प
1 महाकाल = 730 कल्प
1 मोक्षकाल = 31 नील, 10 खरब, 40 अरब वर्ष
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ज़रा गौर करें, हमारी परम्पराओं के पीछे कितना गहन विज्ञान छिपा हुआ है | ये इस देश का दुर्भाग्य है कि हमारी परम्पराओं को समझने के लिए जिस विज्ञान की आवश्यकता है वो हमें पढ़ाया नहीं जाता है और विज्ञान के नाम पर जो हमें पढ़ाया जा रहा है उस से हम अपनी परम्पराओं को समझ नहीं सकते | विश्व का सबसे बड़ा और वैज्ञानिक समय गणना तन्त्र यही है | जो हमारे देश भारत में बना | ये हमारा भारत है जिस पर हमको गर्व है |
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यदि आप चाहते कि सत्य को सभी मानें व असत्य को त्यागें । भारत पुन: विश्वगुरु बने । आपकी संताने विश्व में गुरुपद को सुशोभित करें । महान हिन्दू-आर्य संस्कृति का पुनरौद्धार हो तो वेदो की ओर लौटो, गुरुकुलिय शिक्षा को महत्व दें । आर्यसमाज के सदस्य बनें । आर्यनिर्मात्री सभा को सहयोग दें ।
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★निवेदक-आर्य ओमप्रकाश सिंह राघव ★
★★ग्राम-खेड़ा (पिलखुवा) हापुड़ ★★
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