🌞ओ३म् 🌞
🌺 नमस्ते जी, सुप्रभातम् 🌺
🌻वेदामृतम् 🌻
आरोहणमाक्रमणं जीवतोजीवतोsयनम् ।
(अथर्ववेद ५/३०/७)
उन्नत होकर आगे बढना हर जीव ( मनुष्य) का धर्म है ।
🌹🌹 सुभाषितम्🌹🌹
॥ अस्तेयम् ॥
अस्तेयप्रतिष्ठायां सर्वरत्नोपस्थानम् ।
(योगदर्शन २/३७)
अस्तेय वृत्ति के पूर्ण अभ्यास हो जाने पर साधक के पास सब रत्नों की उपस्थिति हो जाती है, अर्थात् सब दिशाओं से उत्तमोत्तम पदार्थ उसे प्राप्त होने लगते हैं ।
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
🌞 आज का पंचाग 🌞
तिथि…….एकादशी
वार………..शनिवार
नक्षत्र …….उत्तराफाल्गुनी
योग………वैधृति
(समय मान जयपुर का है)
सूर्योदय ———– ६-४४
सूर्यास्त ———–१७-३६
चन्द्रोदय ——–२७-३४
चन्द्रास्त ———१५-१२
सूर्य राशि ———तुला
चन्द्र राशि——-सिंह
सृष्टि संवत् -१,९६,०८,५३,११६
कलियुगाब्द……………५११६
विक्रमी संवत्…………..२०७२
अयन…………….दक्षिणायन
ऋतु……………………शरद
मास पूर्णिमांत——कार्तिक
विक्रमी संवत् (गुजरात)-२०७१
मास अमांत( गुजरात)….आश्विन
पक्ष………………… कृष्ण
आंग्ल मतानुसार ७ नवम्बर सन् २०१५ ईस्वी ।
🌻आज का दिन आपके लिए शुभ एवं मंगलमय हो ।🌻
from Tumblr http://ift.tt/1MBRs88
via IFTTT
No comments:
Post a Comment