🌞 ओ३म् 🌞
🌺 नमस्ते जी, सुप्रभातम् 🌺
🌻वेदामृतम् 🌻
दक्षिणावतामिदिमानि चित्रा । (ऋग्वेद १/१२५/६)
संसार के विलक्षण पदार्थ दक्षिणा देनेवालों के लिए हैं ।
🌹🌹 सुभाषितम् 🌹🌹
॥ निद्रा - नीन्द ॥
निद्रायत्तं सुखं दु:खं , पुष्टि: कार्श्यं बलाsबलम् । वृषता क्लीबता ज्ञानमज्ञानं जीवितं न च । (चरक सूत्र स्थानम् २१/३५)
सुख और दु:ख , पुष्टि और दुबलापन, बल और निर्बलता, पुंस्त्व और नपुंसकता , ज्ञान और अज्ञान तथा जीवन और मृत्यु ये सब निद्रा के आधीन हैं ।
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🌞 आज का पंचांग🌞
तिथि……….तृतीया
वार……………शुक्रवार
नक्षत्र ………..पूर्व आषाढ
योग………….शुक्ल
(समय मान जयपुर का है)
सूर्योदय ———– ५-३६
सूर्यास्त ———–१९-१३
चन्द्रोदय ———-२१-४०
चन्द्रास्त ———-७-५७
सूर्य राशि ———वृषभ
चन्द्र राशि——–धनु
सृष्टि संवत् -१,९६,०८,५३,११६
कलियुगाब्द……………५११६
विक्रमी संवत्…………..२०७२
अयन……………..उत्तरायण
ऋतु……………………ग्रीष्म
मास पूर्णिमांत———आषाढ
विक्रमी संवत् (गुजरात)-२०७१
मास अमांत( गुजरात)…..ज्येष्ठ
पक्ष………………… कृष्ण
आंग्ल मतानुसार
५ जून सन् २०१५ ईस्वी ।
🌻आज का दिन आपके लिए मंगलमय एवं शुभ हो।🌻
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