Tuesday, June 23, 2015

🌞 ओ३म् 🌞 🌺 नमस्ते जी, सुप्रभातम् 🌺 🌻वेदामृतम् 🌻 उत स्वया तन्वा संवदे तत्कदा न्वन्तर्वरुणे...

🌞 ओ३म् 🌞
🌺 नमस्ते जी, सुप्रभातम् 🌺

🌻वेदामृतम् 🌻

उत स्वया तन्वा संवदे तत्कदा न्वन्तर्वरुणे भिवानी । (ऋग्वेद ७/८६/२)

मैं अपने शरीर के साथ संवाद करता हूं , कि कब मैं अन्तर्यामी परमात्मा के ही आधार से रहने लगूंगा ।
हे अन्तर्यामिन् मेरे स्वामिन् परमात्मा देव ! मेेरा आधार तू है । मैं अपने शरीर द्वारा तुझ से पूछता हूं, तू मुझे बता कि मैं कब सब कुछ भूला कर तेरे भरोसे रहने लगूंगा ।

🌹🌹 सुभाषितम् 🌹

।। सन्तोष ॥
सन्तोषामृततृप्तानां, यत्सुखं शान्तचेतसाम् । कुतस्तद्धन लुब्धानामितश्चेतश्च धावताम् ॥ (हितोपदेश १४३)

सन्तोष रुपी अमृत से तृप्त हुए शान्त चित्त वाले मनुष्यों को जो सुख प्राप्त होता है , वह सुख धन के लोभी और इधर - उधर निरन्तर भाग दौड करने वालों को कहां ?

🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

🌞 आज का पंचांग🌞

तिथि…………सप्तमी
वार…………..मंगलवार
नक्षत्र ……….पूर्वाफाल्गुनी
योग………….सिद्धि

(समय मान जयपुर का है)
सूर्योदय ———– ५-३७
सूर्यास्त ———–१९-१९
चन्द्रोदय ———-११-३०
चन्द्रास्त ———-२४-०१
सूर्य राशि ———-मिथुन
चन्द्र राशि———-सिंह

सृष्टि संवत् -१,९६,०८,५३,११६
कलियुगाब्द……………५११६
विक्रमी संवत्…………..२०७२
अयन……………..उत्तरायण
ऋतु……………………ग्रीष्म
मास पूर्णिमांत——-आषाढ
(अधिक मास)
विक्रमी संवत् (गुजरात)-२०७१
मास अमांत( गुजरात)…..आषाढ
पक्ष………………… शुक्ल

आंग्ल मतानुसार
२३ जून सन् २०१५ ईस्वी ।

🌻आज का दिन आपके लिए मंगलमय एवं शुभ हो।🌻


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