🔥 *ओ३म्* 🔥
*अपवर्ग किसे कहते हैं (What is ApaVarg)*?
अपवर्ग (Salvation) मुक्ति को कहते हैं. इस अवस्था को मोक्ष, कैवल्य, निर्वाण आदि नामों से भी जाना जाता है.
कवर्ग (Guttural-कण्ठ) = क ख ग घ ङ
चवर्ग (Palatal-तालु) = च छ ज झ ञ
टवर्ग (Cerebral-मूर्द्धा) = ट ठ ड ढ ण
तवर्ग (Dental-दन्त) = त थ द ध न
*पवर्ग (Labial-ओष्ठ) = प फ ब भ म*
_अपवर्ग = अ + पवर्ग = जो पवर्ग नहीं है_.
*पवर्ग शब्द में “प फ ब भ म” का क्या अर्थ है ???*
प = पाप
फ = फल
ब = बन्धन
भ = भय
म = मृत्यु
_अपवर्ग ऐसी अवस्था है, जिसमें पाप, फल, बन्धन, भय और मरण नहीं होता_.
*प्रश्न: मुक्ति कैसे मिलती है* ?
उत्तर: महर्षि पतंजलि के अनुसार, योग के आठ अङ्गो का अनुष्ठान करने से, शरीरस्थ मलदोष, चित्तस्थ विक्षेपदोष और बुद्धिगत आवरण दोष दूर होकर विवेकख्याति तक ज्ञान का विस्तार होकर जन्म और मृत्यु के चक्र से मुक्ति मिलती है. (योगदर्शन 2.28, 4.31, 4.34)
*प्रश्न: क्या मुक्ति सदा (forever) के लिए मिलती है?*
उत्तर: नहीं, *limited efforts का result कभी भी unlimited नहीं हो सकता*.
*ऋग्वेद 1.24.2* के अनुसार, “मुक्ति के बाद पुनर्जन्म होता है”.
*सांख्यदर्शन 1.159* के अनुसार, “मुक्ति और बन्धन सदा नहीं रहते.”
*प्रश्न: मुक्ति की अवधि कितनी है?*
उत्तर: *मुण्डक-उपनिषद 3.2.6* के अनुसार, मुक्ति की अवधि *पराकाल* की होती है.
पराकाल = 31,10,40,000,000,000 वर्ष = 100 ब्राह्म-वर्ष
इतने समय में 36,000 बार सृष्टि और 36,000 बार प्रलय हो जाता है.
PaVarg stands for Pa, Pha, Ba, Bha, Ma.
Pa = Paap (Sin)
Pha = Phal (Outcome)
Ba = Bandhan (Bondage)
Bha = Bhaya (Fear)
Ma = Maran (Death)
Such condition where Soul is free from Sin, Outcome, Bondage, Fear and Death, that is called ApaVarg (Salvation).
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