🙏🏽🙏🏽🙏🏽 हर हर महादेव 🙏🏽🙏🏽🙏🏽 3 अप्रैल 2016 कानपूर
प्रेस विज्ञप्ति
हिन्दुओ की घटती जनसँख्या से संत समाज चिंतित - यति बाबा नरसिंहानंद सरस्वती(राष्ट्रीय संयोजक,अखिल भारतीय संत परिषद)
दारा सिंह को भुला देना हिन्दू समाज की आपराधिक भूल -श्री बी एस त्रिपाठी(भारतीय लोकतान्त्रिक हिन्दू विकास एसोसिएशन)
न्यायिक आतंकवाद की शिकार हुए हैं साध्वी प्रज्ञा और कमलेश तिवारी जैसे हिन्दू कार्यकर्ता - राहुल पण्डे(प्रज्ञा मुक्ति मुहिम)
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हिन्दू हितो की रक्षा के लिये महाकुम्भ में 15 और 16 मई को आयोजित होगी चौथी हिन्दू संसद जिसमे सभी वरिष्ठ सन्त और 100 से अधिक हिन्दू संगठन के कार्यकर्ता भाग लेगे।
हिन्दू स्वाभिमान के तत्वावधान में श्रीदुधेश्वर नाथ मठ के शिविर में होने वाले इस महत्वपूर्ण आयोजन की अध्यक्षता करेंगे स्वामी नारायण गिरी जी महाराज होने
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अखिल भारतीय संत परिषद के राष्ट्रीय संयोजक व हिन्दू संसद के प्रणेता यति बाबा नरसिंहानंद सरस्वती जी महाराज,भारतीय लोकतान्त्रिक हिन्दू विकास एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बी एस त्रिपाठी और साध्वी प्रज्ञा मुक्ति मुहीम संयोजक राहुल पाण्डे ने कानपूर जेल चौराहा स्थित राम जानकी मन्दिर में आज एक प्रेस वार्ता को सम्बोधित किया जिसमे उन्होंने उज्जैन महाकुम्भ में होने वाली चौथी हिन्दू संसद के विषय में जानकारी देते हुये हिन्दुओ की घटती हुयी जनसंख्या को संत समाज की सबसे बड़ी चिंता बताया।
प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुये यति बाबा नरसिंहानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा की आज पूरा विश्व बहुत विकट परिस्थितियों में हैं।आतंकवाद के नाम पर चल रहे इस्लामिक जिहाद ने पूरी दुनिया को विनाश की ओर धकेल दिया है।हमारे लिये सबसे दुखद ये है की जबकि सारा विश्व इस समस्या का निदान खोज रहा है तब हम हिन्दूओ के नेता तरह तरह से मुस्लिम तुष्टिकरण में लगे हुये हैं।आज वोट बैंक की राजनीति हिन्दुओ की लाशो पर अपनी रोटी सेक रही है।जातिवाद और क्षेत्रवाद में बटा हुआ हिन्दू अपने लिये न्याय भी नहीं मांग पा रहा हैं।ऐसे में संत समाज आज साधना छोड़कर संघर्ष के लिये मजबूर होता जा रहा है।
उन्होंने हिन्दुओ की घटती हुई जनसँख्या को सारी समस्याओ का जिम्मेदार बताते हुये कहा की आज हिन्दुओ के समक्ष इस देश में अल्पसंख्यक होने का खतरा उतपन्न होता जा रहा है।यदि हिन्दू इस देश में अल्पसंख्यक हो गया तो यहाँ भी हिन्दुओ की वो ही दुर्गति होगी जो पाकिस्तान,बांग्लादेश और कश्मीर में हुयी।
उन्होंने सम्पूर्ण राजनीति को चेतावनी देते हुये कहा की नेताओ को याद रखना चाहिये की ये देश तभी तक लोकतान्त्रिक है जब तक हिन्दू बाहुल्य में है।जिस दिन ये देश हिन्दू बाहुल्य नहीं रहेगा उस दिन ये देश लोकतान्त्रिक भी नहीं रहेगा।इसलिये संत समाज हिन्दू संसद के माध्यम से हिन्दू समाज से जनसँख्या बढ़ाने का और अधिक से अधिक बच्चे पैदा करने का खुला आह्वान करेगा।जो हिन्दू आर्थिक कारणों से कम बच्चे पैदा करते हैं, उनके लिए गुरुकुल बनाने की योजना भी हिन्दू संसद में बनाई जायेगी ताकी उनके बच्चों का उचित पालन पोषण और शिक्षा दीक्षा हो सके।
श्री बी एस त्रिपाठी जी ने प्रेस वार्ता में कहा की उड़ीसा में हिन्दू हित के लिये संघर्ष करने वाले दारा सिंह को भूलना हिन्दू समाज की अपराधिक भूल है जिसका प्रायश्चित हम सबको करना चाहिये।दारा सिंह ने अपनी सजा को पूरा कर लिया है परन्तु उन्हें केवल विधर्मियो की नाराजगी के डर से रिहा नहीं किया जा रहा है।ऐसे में अब हिन्दू समाज को आगे आकर उनके लिये संघर्ष करना चाहिये।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुये प्रज्ञा मुक्ति मुहीम के संयोजक राहुल पाण्डे ने कहा की भारतीय लोकतन्त्र को नेताओ ने धर्म निरपेक्षता के नाम पर बर्बाद करके रख दिया है।एक विदेशी महिला के इशारे पर चलने वाली
कांग्रेस नीत गठबंधन सरकार ने भगवा आतंकवाद शब्द गढ़ने के लिये बिलकुल गैर संवैधानिक तरीके से निर्दोष साध्वी प्रज्ञा और उनके साथियो को जेल में डाला और अब केवल हिन्दुओ की ताकत पर बनी मोदी सरकार उन्हें इसलिये नहीं छोड़ रही है की कहीं मुसलमान नाराज न हो जाए।इसके लिये जिस तरह से संविधान को कुचला गया है,ये एक सभ्य लोकतन्त्र के लिये शर्मनाक है।
उन्होंने बताया की जिस तरह भूमापीठाधीश्वर स्वामी अच्युतानंद तीर्थ जी महाराज ने अर्धकुंभ में धर्म संसद आयोजित करके साध्वी प्रज्ञा के मुद्दे को पुरे संत समाज में उठा दिया था,उसी प्रकार अब कुम्भ में भी ये मुद्दा सन्यासियों के बीच सबसे प्रमुख मुद्दा होगा और संत समाज 14 और 15 मई 2016 को कुम्भ में चौथी हिन्दू हितो की रक्षा के लिये हिन्दू संसद का आयोजन करेगा जिसमे साध्वी प्रज्ञा और निर्दोष हिन्दू कार्यकर्ताओ की रिहाई सबसे प्रमुख मुद्दा बनेगी।भूमापीठाधीश्वर स्वामी अच्युतानंद तीर्थ जी महाराज के मार्गदर्शन और जूना अखाडा के अंतर्राष्ट्रीय मंत्री दूधेश्वरनाथपीठाधीश्वर स्वामी नारायण गिरी महाराज की अध्यक्षता में आयोजित होने वाले इस आयोजन में देश के सभी वरिष्ठ संत और 100 से अधिक संगठनो के प्रतिनिधियों के भाग लेने की सम्भावना है।
हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय नेता पण्डित नीरज भरद्वाज ने कहा की हिन्दू संसद एक सम्पूर्ण अराजनैतिक आयोजन है जो लाभ हानि की चिंता छोड़कर हिन्दू के अस्तित्व को बचाने के लिये चिंतन करेगा।ये बहुत दुखद है की आज पूरी दुनिया को शरण और सहारा देने वाला हिन्दू समाज खुद को अनाथ जैसा महसूस कर रहा है। जिस तरह से देश में हिन्दुओ की जनसंख्या का अनुपात घट रहा है वो न केवल भारतवर्ष बल्कि पुरे विश्व के लिये एक अशुभ संकेत है।हिन्दू संसद का मुख्य मुद्दा जनसंख्या नियंत्रण कानून और इस्लामिक जिहादी आतंकवाद के दमन के लिये रणनीति तय करना रहेगा।
उन्होंने कहा की जिस तरह से आई एस आई एस ने भारत में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई है,ये बहुत ही चिंताजनक बात है।आज हमारे सामने रामजन्मभूमि से बड़ा मुद्दा इस्लामिक जिहाद से हिन्दू के अस्तित्व की रक्षा है।इस बार कुम्भ में इस मुद्दे पर भी गहन चिंतन होगा की यदि भारत में हिन्दू अल्पसंख्यक हो गया तो बचेगा कैसे?जिस तरह से सभी राजनैतिक दल मुस्लिम वोट बैंक के लालच में हिन्दू हितो पर कुठाराघात कर रही हैं इससे संत समाज बहुत चिंतित और खिन्न है।संत समाज हिन्दू संसद के माध्यम से अपनी चिंताओं पर खुल कर मन्थन करेगा।
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