Wednesday, February 4, 2015

[10:02AM, 2/4/2015] Virendr Guru: 👏नमस्ते जी । ईश कृपा से हम आज महर्षि दयानंद रचित ग्रंथो में से एक...

[10:02AM, 2/4/2015] Virendr Guru: 👏नमस्ते जी । ईश कृपा से हम आज महर्षि दयानंद रचित ग्रंथो में से एक छोटे से 📕 ग्रंथ का आरम्भ करने जा रहे है । प्रतिदिन कुछ अंश क्रमशः देते रहे गे । बीच मे कोई मैसेज स्वीकार्य नही हो गा । अधिक लम्बा भी नही हो गा ।मैसेज की भरमार नही करनी है । कृपया ग्रुप वाले संयम रखे।अलग से कुछ ना दे ।

[10:02AM, 2/4/2015] Virendr Guru: 📢आर्योद्देश्यरत्नमाला

1⃣👉 ईश्वर 🚩 जिसके गुण कर्म स्वभाव और स्वरूप सत्य ही हैं,जो केवल चेतन मात्र वस्तु है,तथा जो एक अद्वितीय सर्व शक्तिमान्

[10:02AM, 2/4/2015] Virendr Guru: 📕आर्योद्देश्यरत्नमाला 📕

परिचय 👉वेदराम===श्रीयुत महाराज विक्रमादित्य जी के 1934संवत् मे श्राश्रम महीने के शुक्ल पक्ष 🌓सप्तमी बुध वार के दिन उक्त स्वामी जी ने आर्य भाषा मे सब मनुष्यो के हितार्थ यह= आर्योद्देश्यरत्नमाला =पुस्तक प्रकाशित किया ।

[10:02AM, 2/4/2015] Virendr Guru: निराकार, सर्वत्र व्यापक अनादि और अनंत आदि सत्यगुणवाला है और जिस का स्वभाव अविनाशी ज्ञानी आनन्दी शुद्ध न्यायकारी दयालु और अजन्मादि है, जिसका कर्म जगत की उत्पत्ति ।पालन और विनाश करना, तथा सर्व जीवों को पाप पुण्य के फल ठीक - ठीक पहुंचाना है, उसको ईश्वर कहते है ।

[10:02AM, 2/4/2015] Virendr Guru: तो आज हम आर्यो का प्राण तुल्य छोटा सा ग्रंथ आरम्भ करते है ।

📕 आर्योद्देश्यरत्नमाला 📢




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