Thursday, September 1, 2016

📕📘 *।। ओ३म् ।।* 📙📔 🌎🌍🌏 *।।सर्वे भवन्तु सुखिनः।।* ✝☪🕉☸🔯 ...

📕📘 *।। ओ३म् ।।* 📙📔

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*।।सर्वे भवन्तु सुखिनः।।*
✝☪🕉☸🔯

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📢 *विषेश कार्यक्रम* 🔊

🚩 *ईश्वर का स्वरूप* 🚩

👉🏾 *जानना क्यू जरूरी है ❓*

प्रश्न :👉🏾क्या संसार में गणित विषय में झगड़ा है ?
उत्तर :👉 *नहीं, जैसे 2+2=4 सभी मानते हैं।*

प्रश्न :👉🏾क्या संसार में विज्ञान विषय में झगड़ा है ?
उत्तर :👉 *नहीं, जैसे H2O=Water 💦 सभी मानते हैं।*

प्रश्न :👉🏾क्या संसार में ईश्वर विषय में झगड़ा है ?
उत्तर :👉 *जी हां..! जैसे कि ईश्वर कि सत्ता,नाम,स्थान आकार,लिंग, कर्म, पुस्तक,अवतार,दूत - मसीहा - पैगंबर - को भेजना आदि विषयों में अलग-अलग मत, मान्यताएं हैं।*
*सभी अपनी-अपनी मान्यताओं पर अड़े हुए हैं। तदुपरांत सभी अपनी-अपनी मान्यताओं को दूसरों पर जबरदस्ती थोपने के लिए तुले हुए हैं। इसी कारण आज संसार में युध्द,आतंकवाद,दंगा - फसाद, हल्ला,लडाई,झगड़े आदि होते रहते हैं।*

प्रश्न :👉🏾क्या किसी भी प्रश्न का सही उत्तर एक ही होता है या अनेक ?
उत्तर :👉 *सही उत्तर एक ही होता है।*

प्रश्न :👉🏾क्या ईश्वर विषय में संसार में एक मान्यता नही हो सकती ?
उत्तर :👉 *अवश्य हो सकती है। यदि सभी मत,पंथ, संप्रदाय, मजहब वाले मिलकर चाहे तो बुध्दिमता पूर्वक ईश्वर विषय में चिंतन-मनन करके एक मान्यता हो सकती है।*

प्रश्न :👉🏾बुध्दिमता पूर्वक चिंतन-मनन करके सत्य को कौन जान सकता है ?
उत्तर :👉 *जो व्यक्ति अपनी लोकेषणा, वित्ते़षणा,पुत्रेषणा तथा हठ,जिद्द का त्याग करके बुध्दिमता पूर्वक चिंतन-मनन करता है केवल वही सत्य को जान सकता है।*

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