Friday, January 15, 2016

🌻🌷ओ३म्🌷🌻 भूपेश आर्य 🌻पुत्रोत्पादक- (1) जो स्त्री गर्भिणी हो जाने पर पहले ही मास में शिवलिंगी के 9...

🌻🌷ओ३म्🌷🌻

भूपेश आर्य

🌻पुत्रोत्पादक-

(1) जो स्त्री गर्भिणी हो जाने पर पहले ही मास में शिवलिंगी के 9 या 11 बीजों का चूर्ण बछड़े वाली गाय के दूध के साथ प्रातःकाल फांक लेती है उसके गर्भ से पुत्र ही उत्पन्न होगा,कन्या नहीं और पुत्र भी साधारण नहीं अपितु शिव के समान पराक्रमी।गर्भ का ज्ञान होते ही यह प्रयोग फोरन कर लेना चाहिये।

(2)-भांग के 9 बीज गुड़ में रखकर गोली बना लें और जब तीसरा मास प्रारम्भ हो तब प्रातः स्रान आदि से निवृत्त होकर यह गोली खिलाकर ऊपर से बछड़े वाली गौ का धारोग्ण दूध पिला दें।(निकलता हुआ)।
निश्चय ही पुत्र उत्पन्न होगा।
🌻दांतों का हिलना:-बड़ की दातुन करें।वटवृक्ष की दातुन हिलते हुए दाँतों को जमाने की सर्वश्रेष्ठ ओषधि है।इसके प्रयोग से दाँतों का आगे के लिए विकृत होना बन्द हो जाता है।


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