💧एकवचन: शनिवार 2 जनवरी 2016👉
🌍आज भारतीय परिवेश और पर्यावरण में उपस्थित गाय के महत्त्व एवं पर्यावरण और भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिए गाय की आवश्यकता, और यहाँ विषम होती परिस्थतियो पर कल के विचार को आगे बढ़ा रहे है।
🐄 भारतीय संस्कृति में, आध्यात्मिक एव वैज्ञानिक दृष्टि से सम्पूर्ण संसार के प्राणियों के लिए गाय का स्वं एक बहुत बड़ा महत्व है। गाय का दूध अमृत समान है।
🌀कल के विचार से आगे:
👉आज दिल्ली में गाडियों के लिए लगाये गए सम विषम फोर्मुले के प्रयोग के बावजूद और दिनों के मुकाबले पर्यावरण प्रदुषण ज्यादा पाया गया। दो दिन पहले जहाँ सायंकाल 4 बजे 375 था। लेकिन 1 जनवरी शाम 4 बजे 750 तक रहा। अभी असली हालत पहले 15 दिनों के विश्लेष्ण के बाद पता चलेगा।
👉 गाय की पीठ पर रीढ़ की हड्डी में स्थित सूर्यकेतु स्नायु हानिकारक विकिरण को रोककर वातावरण को स्वच्छ बनाते हैं। यह पर्यावरण के लिए लाभदायक है। दूसरी ओर, सूर्यकेतु नाड़ी सूर्य के संपर्क में आने पर यह स्वर्ण का उत्पादन करती है। गाय के शरीर से उत्पन्न यह सोना गाय के दूध, मूत्र व गोबर में मिलता है। यह स्वर्ण दूध या मूत्र पीने से शरीर में जाता है और गोबर के माध्यम से खेतों में। कई रोगियों को स्वर्ण भस्म औषधियों के रूप में दी जाती है।
💧अथर्ववेद के अनुसार-
‘धेनु सदानाम रईनाम’ अर्थात “गाय समृद्धि का मूल स्रोत है!” गाय समृद्धि व प्रचुरता की द्योतक है। वह सृष्टि के पोषण का स्रोत है। वह जननी है। गाय के दूध से कई तरह के प्रॉडक्ट (उत्पाद) बनते हैं। गोबर से ईंधन व खाद मिलती है। इसके मूत्र से दवाएं व उर्वरक बनते हैं।
🐄 वैज्ञानिक कहते हैं कि गाय एकमात्र ऐसा प्राणी है, जो ऑक्सीजन ग्रहण करता है और ऑक्सीजन ही छोड़ता है। मनुष्य सहित सभी प्राणी ऑक्सीजन लेते और कार्बन डाई ऑक्साइड छोड़ते हैं। पेड़-पौधे इसका ठीक उल्टा करते हैं।
👉 हिन्दू धर्म के अनुसार गाय में 33 कोटि के देवी-देवता निवास करते हैं। कोटि का अर्थ करोड़ नहीं, प्रकार होता है। इसका मतलब गाय में 33 प्रकार के देवता निवास करते हैं। ये देवता हैं- 12 आदित्य, 8 वसु, 11 रुद्र और 2 अश्विन कुमार। ये मिलकर कुल 33 होते हैं। यही कारण है कि दिवाली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा के अवसर पर गायों की विशेष पूजा की जाती है और उनका मोर पंखों आदि से श्रृंगार किया जाता है। हिन्दुओं के हर धार्मिक कार्यों में सर्वप्रथम पूज्य गणेश व उनकी माता पार्वती को गाय के गोबर से बने पूजा स्थल के पास में रखा जाता है।
💧 वैज्ञानिक शोधों से पता चला है कि गाय में जितनी सकारात्मक ऊर्जा होती है उतनी किसी अन्य प्राणी में नहीं। किसी संत में ही उतनी ऊर्जा हो सकती है। वैज्ञानिक कहते हैं कि गाय एकमात्र ऐसा प्राणी है, जो ऑक्सीजन ग्रहण करता है और ऑक्सीजन ही छोड़ता है, जबकि मनुष्य सहित सभी प्राणी ऑक्सीजन लेते और कार्बन डाई ऑक्साइड छोड़ते हैं। पेड़-पौधे इसका ठीक उल्टा करते हैं।
👉 घर के आसपास गाय के होने का मतलब है कि आप सभी तरह के संकटों से दूर रहकर सुख और समृद्धिपूर्वक जीवन जी रहे हैं। गाय के समीप जाने से ही संक्रामक रोग कफ, सर्दी, खांसी, जुकाम का नाश हो जाता है।
👉पिछले वर्ष तीन दिवसीय महाकुंभ में प्रतिदिन विभिन्न सत्रों में विभिन्न विषयों के साथ आयोजन किया गया। उसमे से एक में गाय के पर्यावरण और मानव के कल्याण हेतु किस तरह हितकर है, एवं गाय पर हो रहे अत्याचार पर चिंता जताई गई। इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में अमेरिका, जापान, चीन, दक्षिण कोरिया, भूटान, श्रीलंका, कम्बोड़िया, थाईलैण्ड, ताईवान, म्यांमार, नेपाल, सिंगापुर सहित अनेक देशों से 100 धर्मगुरुओं सहित करीब एक हजार विशिष्ठ विद्वान शामिल थे।
👉आज भारतीय संस्कृति और आपके पास जो भी है उसकी रक्षा और सम्मान करना चाहिए। देश का सम्मान और अपनी संस्कृति की रक्षा करना ही हर भारतीय का धर्म है।
क्रमश: क्रमांक 3……….
🙌आज का सूत्र वाक्य
🐄गाय की सुरक्षा।
पर्यावरण का बचाव।।
⛄आज का दिन शुभ रहे। इसी आशा के साथ आपका अवनीश त्यागी, खरखौदा मेरठ।
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