Tuesday, August 16, 2016

🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻(27) 🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺􎴤त्रातारमिन्द्रमवितारमिंद्रम् हवे हवे सुहवं शूरमिंद्रम्। हुवे नु शक्रं...

🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻(27) 🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺􎴤त्रातारमिन्द्रमवितारमिंद्रम् हवे हवे सुहवं शूरमिंद्रम्। हुवे नु शक्रं पुरुहूतमिन्द्रमिदं हविर्मघवा वेत्विन्द्रः।। ~~ सामवेद पू0 4-1-5-2 ~~~~ मंत्र का पद्य में भाव ~~~ ~~~~~~~~रक्षक पालक मघवा इन्द्र हे| वेद ज्ञान दे रक्षा करते| भक्तों की सुनते पुकार तुम| पूर्ण कामना करते हर तुम| आए हैं हम शरण तुम्हारी| विमल वेद से भर महतारी|||


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