*😃आज का विचार😄*
😀मेरा विरोध करना आसान है,पर मेरा विरोधी बनना संभव नहीं।
😃 जब जब भी मैं बिखरा हूँ दुगनी रफ़्तार से निखरा हूँ।
😄 कई जीत बाकी है कई हार बाकी है,अभी तो जिंदिगी का सार बाकी है।
😜 यहाँ से चले है नयी मंजिल के लिए ये तो एक पन्ना था अभी तो पूरी किताब बाकी है।
*😀एक दृढ़निश्चयी वयक्तित्व😃*
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