Friday, August 19, 2016

🌷 अंधविश्वास 🌷 अंधविश्वास का अर्थ है— अंधा विश्वास , blind faith, यानी ऐसा विश्वास जिसमें...

🌷 अंधविश्वास 🌷

अंधविश्वास का अर्थ है— अंधा विश्वास , blind faith, यानी ऐसा
विश्वास जिसमें लोग अपना दिमाग नहीं लगाते , उसके सच, झूठ का पता
नहीं करते , उसकी वैज्ञानिकता को नहीं जानते , उसे इसलिए मानते हैं क्योंकि लोग मानते हैं।

कोई risk नहीं लेना चाहता। नुकसान नहीं उठाना चाहता।

छींक आ जाने पर यात्रा रोक देना ,बिल्ली रास्ता काट दे तो आगे न जाना और ऐसी ही बहुत सी प्रथाएँ
हैं जिनको लोग बहुत समय से मानते चले आ रहे हैं । यह विश्वास किसने
चलाया , कोई नहीं जानता।

महाकवि कालिदास ने कहा है –
भवितव्यानां द्वाराणि भवन्ति सर्वत्र ।
अर्थात होने वाली घटनाओं के द्वार
हर जगह होते हैं। यानी होने वाली
घटना का पता प्रकृति को पहले से होता है जिसकी सूचना वह किसी न किसी संकेत से दे देती है।

पशुओं को इन घटनाओं का पता पहले से ही चल जाता है।भूकंप , तूफान आदि के आने की सूचना पहले
पशुओं को मिल जाती है और वे लोग
अजीब सा व्यवहार करने लगते हैं।

भारत में अंधविश्वास अधिक है । इसका कारण यह है कि यहाँ अनेक जातियाँ और धर्म हैं। यहाँ की संस्कृति
मिश्रित हो गई है। मुसलमानों की कुछ
बातें हिंदुओं ने अपना ली तो हिंदुओं की बातों को मुसलमानों ने अपना ली।
इसलिए यहाँ अंधविश्वासों की संख्या भी अधिक है।

अंधविश्वास केवल भारत में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में है।
इंग्लैंड में बटन के टूटने या सीढ़ी के नीचे से निकलने को अपशकुन मानते हैं।
चीन , जापान सभी देशों में तरह तरह
के अंधविश्वास प्रचलित हैं।

अंधविश्वासों के घेरे में केवल अनपढ़ लोग हों ऐसी बात नहीं है , बड़े बड़े
समझदार लोग भी डर जाते हैं।

मैं एक विद्वान के यहाँ रुका हुआ था।
हम लोग कार से बाहर जाने वाले थे।
जैसे ही कार में बैठने लगे कि किसी ने छींक दिया। मित्र ने कहा थोड़ी देर बाद चलेंगे। मैंने कहा आप भी छींक
में विश्वास करते हैं ?

वे बोले थोड़ी देर रुक जाने में क्या नुकसान हो जाएगा ?

कहने का मतलब है , अंधविश्वास की
जड़ इतनी गहरी है कि इससे बच पाना बहुत मुश्किल है।

कई बार आप इसलिए चुप हो जाते हैं
की यदि कुछ ऊँच नीच हो गया तो सारा दोष लोग आप पर ही मढ़ देंगे।

अब प्रश्न यह है कि क्या हमें अंधविश्वास में विश्वास करना चाहिए ?

आज का युग वैज्ञानिक युग है । विज्ञान ने बच्चों को तर्क करना और
कारण पता करना सिखा दिया है।
आज के बच्चे अंधविश्वास से दूर हैं ।
इसे वे बकवास कहते हैं।इसलिए बहुत से अंधविश्वास तो अपने आप दूर हो गए हैं।

लेकिन हमें उनके दिमाग में अंधविश्वास का कूड़ा कचरा नहीं डालना चाहिए।

धीरे धीरे अंधविश्वास अपने आप दूर होता जा रहा है । लोगों में तर्क शक्ति बढ़ती जा रही है।

अंधविश्वास से बचने का सबसे आसान तरीका है , अपने अंदर आत्मविश्वास पैदा कीजिए। आत्मविश्वास ही वह हथियार है जो आपको लड़ने की ताकत देता है।

ईश्वर से बड़ा कोई शक्तिशाली नहीं है।
यदि आप उसे हर जगह महसूस करते हैं तो डरने की क्या बात है? वह है , न ? उससे लड़ने की हिम्मत किसमें है ? वह सब दुरितों को दूर करनेवाला है। उस पर अखंड विश्वास रखिए।
अपने को कमजोर मत बनाइए।

एक बार अंधविश्वास को तोड़कर देखिए। जब कोई नुकसान नहीं होगा तो आत्मविश्वास अपने आप बढ़ जाएगा।

ईश्वर में जब विश्वास कम हो जाता है तब आत्मविश्वास खत्म हो जाता है।
उसके खत्म होते ही अंधविश्वास तो क्या बहुत सी कमजोरियाँ आ जाती हैं।

आत्मविश्वास को जगाइये , अंधविश्वास से लड़िए।


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