Saturday, August 20, 2016

🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷 लपलपाती तलवारें म्यान से निकलीं 🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷 🌹🌹 राधास्वामी मत आगरा के तीसरे गुरु श्री...

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लपलपाती तलवारें म्यान से निकलीं
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🌹🌹 राधास्वामी मत आगरा के तीसरे गुरु श्री हज़ूर जी महाराज ने महर्षि दयानन्द के चरित्र का मूल्यांकन करते हुए लिखा है ——-
🌹🌹 “ स्वामी दयानन्द अत्यधिक निर्भीक व्यक्ति थे । उनके एक दो शत्रु नहीं थे । उनकी संख्या सहस्त्रों तक थी , परंतु उन्हें किसी से भी भय नहीं हुआ । अकेले ही बनो में, निर्जन मैदानों में और डरावने पर्वतों में विचरण करते रहे । संकटो का , त्रास का सामना किया । विपत्तियों को झेला । न कभी डोले, न झिझके । सदैव अपनी कामना के सोपान की कल्पना में निर्भयता पूर्वक अत्यन्त सक्रियता से तराई में नर नाहर के समान गर्जना करते रहे ।

🌹🌹 आक्रमण किये गए, मार पड़ी, ईंट पत्थर की वर्षा तो सर्वथा साधारण घटनाए थी । लोगो ने कीचड़ फैंका । नदी जल में धकेले गए । कई बार विष दिया गया । धमकियां मिलती रही । लपलपाती हुई तलवारे म्यान से निकली परन्तु यह एक से भी भयभीत न हुए । न उनसे आतंकित हुए और न ही उनका इन पर किञ्चित प्रभाव पड़ा ।

🌹🌹 उनमे अद्भुत संकल्प शक्ति थी । उनके लौह धीरज तथा अडिग दृढ़ता का उदाहरण गत् चार - पांच शताब्दियों में तो किसी में भी कही मिलता नहीं । शूरवीर योद्धा सेना को साथ लेते है । दुर्गों में शरण लेते है । अस्त्र - शस्त्र उनके सहायक होते है । यहाँ क्या था ? कुछ भी नहीं । केवल निडरता तथा असीम हार्दिक शक्ति साथ थी ।

🌹🌹 एक व्यक्ति निर्भय होकर सहस्त्रो के साथ, लाखों के साथ टकराया यह उदाहरण इधर स्वामी दयानन्द जी ने ही स्थापित किया है । खोजकर तो देखिये । क्या इस गुण से विभूषित कोई मनुष्य यहाँ दिखाई देता है ? ……. कहाँ यहाँ एक ऐसा निर्भीक, शूर, साहसी, वीर ब्राह्मण रण में उतरता है जिसका मुखमंडल देखकर सहस्त्रो के छक्के छूट जाते है और वह किसी से नहीं घबराता । हम उसे क्या कहें ? मनुष्य था अथवा ईश्वरीय सृष्टि की अद्भुत रचना था ।” { श्री हज़ूर जी महाराज }

🌹🌹 सब जानते है कि राधास्वामी मत वाले खण्डन भी करते आये है , परंतु खण्डन करने को बहुत बुरा भी मानते है । श्री शिवव्रतलाल वर्मन ( हज़ूर जी महाराज ) ने ऋषि की आलोचना भी जमकर की है, परंतु उनके ह्रदय पर स्वामी जी महाराज की अमिट छाप भी थी । श्री शिवव्रतलाल जी अपने समय के एक लोकप्रिय सिद्धहस्त लेखक थे । उनकी इन पंक्तियों पर और टिप्पणी करने की आवश्यता नही है ।

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