🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺लौकिक सुख में मिले हुए हैं, 4 प्रकार के दुःख भारी| परिणाम, ताप, संस्कार तीन अति, सता रहे ये संसारी| गुण वृत्ति विरोध चौथा दुःख, जिससे जाती मतिमारी| जान विवेकी विमल उसी को, पाये पार ये बीमारी||~~योग दर्शन ~साधन पाद ~सूत्र ~15👏
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