Tuesday, June 16, 2015

।।ओउम्।। पीछे तो हर कोई पोस्ट डाल सकता है माँ के दूध का सच तो तब जाहिर होता है जब ललकार के चुनोती दी...

।।ओउम्।।
पीछे तो हर कोई पोस्ट डाल सकता है माँ के दूध का सच तो तब जाहिर होता है जब ललकार के चुनोती दी जाये ।

भगवान शब्द पर राक्षसी भ्रम निवारण -

“ ऐश्वर्यस्व समग्र धर्मस्य यशस: श्रिय: । 
ज्ञानवैराग्ययोश्चैव षण्णां भग इतीरणा ।।

सम्पूर्ण ऐश्वर्य , धर्म , यश , श्री , ज्ञान , तथा वैराग्य …. इन छह विशेषताओ का नाम है ’ भग ‘ 
अत् जिस प्रकार धन वाले को धनवान कहते है बल वाले को बलवान कहते है उसी प्रकार जिसके पास भग ( छह विशेषताये ) है उसे भगवान कहते है ।

परमेश्वर/ परमात्मा मे ये सभी विशेषताए है अतः परमेश्वर ’ भगवान ’ कहलाता है । उसी प्रकार संसार के जिन महापुरुषो मे उपरोक्त छह विशेषताए है उन्हे भी भगवान कहा जा सकता है । जैसे - भगवान श्री राम , भगवान श्री कृष्ण , भगवान पाणिनि , भगवान पतंजलि ……………. भगवान दयानंद इत्यादि । 
परन्तु भगवान होते हुए भी ये महापुरुष परमेश्वर नहीँ कहे जा सकते , क्योकि किसी भी महापुरुष मे परमेश्वर की अपेक्षा अल्पज्ञता , अल्पशक्तिमत्ता बनी रहती है ।


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