📣 आर्योद्देश्यरत्नमाला 16 📡विद्या📕 व्याख्या4⃣🌺
➡सर्वाधार=जो कुछ भी इस ब्रह्मांड मे लोक लोकांतरो मे है परमात्मा सब का आधार है सहारा है । उसके बिना सबके सब निराधार है । परमात्मा के आधार के बिना हमारा कोई अस्तित्व ही नही रहता।वही सबका सहारा है ।हमजो आत्माए है बिना शरीर के ,बिना पृथ्वी आदि के जड वत् है । अपने आप को भी नही पहचान सकते । अतः सब का सहारा होनेसे परमेश्वर सब का आधार है अर्थात् सर्वाधार है ।
🌺 सर्वेश्वर ➡सब सुख समृद्धि सम्पत्ति चल अचल जो भी कुछ है उन सब ऐश्वर्यो का
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