📣 आर्योद्देश्यरत्नमाला 16 📡 विद्या 📕 व्याख्या6🌺 सर्वांतर्यामी➡परमात्मा निराकार है सर्वव्यापक है सर्वव्यापक होने से सब के अंतःकरण की मन की भी बात को अच्छी तरह से जानने वाला है अर्थात् जैसे ही हम विचारते वैसे ही तत्काल परमात्मा जान जाता है कि हम क्या विचार कर रहे हैं इसलिए परमात्मा सर्वांतर्यामी है ।
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🌺अजर➡ जर कहते है बुढ़ापे को =अ + जर अजर=परमात्मा कभी भी बूढ़ा नही होता है 🌺अमर➡ मर=मरण को अ+मर= अमर अर्थात् ईश्वर कभी भी बूढ़ा नही होता और कभी किसी भी प्रकार से मरण मृत्यु को भी प्राप्तनही होता इस लिये परमात्मा ” अमर” है।
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क्रमशः
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