📢 संस्कृत सुभाषितानि —
मन्दोऽप्यमन्दतामेति
संसर्गेण विपश्चितः।
पङ्कच्छिदः फलस्येव
निकषेणाविलं पयः॥
अर्थात —
बुद्धिमानों के साथ से मंद व्यक्ति भी बुद्धि प्राप्त कर लेते हैं जैसे रीठे के फल से उपचारित गन्दा पानी भी स्वच्छ हो जाता है॥
आज का दिन सभी के लिए मंगलमय हो ।
।।शुभम भवतु ।।
🌹जय श्री कृष्णा🌹
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