Wednesday, December 30, 2015

🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳 वन्दे मातरम् सभी मित्र अंग्रेजी नववर्ष शुभकामना वाले समूह या सदस्य का 1 जनवरी...

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वन्दे मातरम्

सभी मित्र अंग्रेजी नववर्ष शुभकामना वाले समूह या सदस्य का 1 जनवरी तक तुरन्त बहिष्कार कर के देश भक्ति का परिचय दे !

जय भारत!

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सनातन धर्म को मानने वाले चार प्रकार के होते हैं :–

(1) सैक्युलर हिंदू :- ये वो प्रजाती है जिसको लगता है कि सब धर्म समान होते हैं । सब भाई-भाई होते हैं । इन्हीं लोगों की लड़कियाँ सबसे अधिक मुसलमानों के साथ भागती हैं

(2) नार्मल हिंदू :- ये वो प्रजाति है जिसे धर्म से कुछ खास लगाव नहीं है । बस थोड़ा सा मंदिर हो आएँगे और अधिक कुछ नहीं । इनको पैसा कमाने से ज्यादा मतलब होता है । “देश जाए भाड़ में, धर्म जाए भाड़ में”, “हमें क्या लेना देना?”, “अपना क्या?, "तेरे को क्या?”, “मेरे को क्या?” ये इनकी सोच होती है ।

(3) कट्टर हिंदू :- ये वो प्रजाती है जिसे अपने धर्म के बारे में कोई जानकारी नहीं होती बस एक बात रटी होती है कि “ईसाई और मुसलमान बहुत बुरे होते हैं” ( बिना पढ़े ) । ये लोग अधिकतर उसी नेता के पीछे दिवाने हो जाते हैं जो काम करने के बजाए थोड़ा सा हिंदुत्व पर अच्छा सा भाषण दे देता है । इन लोगों के ये नारे बहुत प्रसिद्ध हैं :- “जय श्री राम”, “जो हिंदू राम का नहीं वो किसी काम का नहीं"। ये लोग अपने धर्म के बारे में बहुत ही कम जानते हैं । दब किसी मुल्ले या ईसाई से बातचीत हो जाए तो निरुत्तर हो जाते हैं क्योंकि सामर्थ्य तो पढ़ने से ही आता है ।

(4) आर्य :- ये वो प्रजाती है जिसे अपने धर्म की मूल जानकारी के साथ साथ दूसरों के बारे में भी अच्छी खासी जानकारी होती है । तभी मुल्लों, ईसाईयों, अम्बेदकरवादीयों, वामपंथीयों आदि सब पर भारी पड़ते हैं और उनकी पोल खोलते हैं क्योंकि ये अपने ग्रंथों के साथ साथ दुशमनों की वाहियात किताबों को भी पढ़ते हैं । आर्यों का नाम सुनते ही विधर्मी चौकन्ने हो जाते हैं । इनका नारा है "कृण्वन्तो विश्वमार्यम्” ।

।। ओ३म् ।।


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