🌾🐚ओ३म् 🐚🌾
🙏 सभी मित्रों को नमस्ते जी🙏
नदियों की आरती उतारना,मूर्तियों की आरती उतारना,मूर्तियों का विसर्जन करना,शिवजी के गुप्तांग वा लिंग पर जल चढाना,ईश्वर का अवतार मानना,सम्प्रदायों को धर्म मानना,स्वछन्दता को स्वतन्त्रता मानना,पुराण कुरान बाईबल आदि को ईश्वरकृत वा ऋषिकृत मानना ….अज्ञानता है मूढता है | क्या राजा क्या रंक सब इसकी चपेट में हैं !!
सुख शान्ति के उपाय (4)- हम एक बनें, नेक बनें , श्रेष्ठ , बलिष्ठ , संगठित बनें परस्पर के मतभेद, स्वार्थ , सम्प्रदाय वाद जाति वाद को नष्ट करें तभी सुरक्षित रह पायेंगे
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“बाधाओं से रुकें नहीं, संकटों एवं प्रलोभनों में झुकें नहीं, निन्दाओं से विचलित न होकर, तब तक आगे बढ़ते रहना जब तक ध्येय न मिल जाए।”
आपका दिन मँगलमय हो।।
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