Saturday, December 19, 2015

🌷🌻🌷🌻ओ३म्🌻🌷🌻🌷 भूपेश आर्य 🌷मुसलमानों के जुल्म🌷 अजी एजी पढ़ें और रोते हैं इन्सान। नवाखाली से एक बहन...

🌷🌻🌷🌻ओ३म्🌻🌷🌻🌷

भूपेश आर्य

🌷मुसलमानों के जुल्म🌷

अजी एजी पढ़ें और रोते हैं इन्सान।
नवाखाली से एक बहन का दरदंगेज बयान-।। 1 ।।

नवाखाली जिला खास शहर ये ही गांव मेरा।
अब है अल्लारक्खी पहला अभयबाला नाम मेरा।।
बुरके में छुपाई आज जीवन है हराम मेरा।
यवनों ने मिटा दिया है कुटुम्ब भी तमाम मेरा।।
मेरी आंखों आगे मेरे पति को खपाया गया।
सास और ससुर को जिन्दा आग में जलाया गया।।
मेरे दो बच्चों को भेंट आग की चढ़ाया गया।
मेरे बाप,भाई,मां को काटकर गिराया गया।
बने हजारों मुसलमान-।।2।।

मेरे ही पति का खून मेरे मुंह को लाया गया।
मुझ को नंगी करके मेरे बाप को दिखाया गया।
मेरे भाईयों आगे मुझे धर्म से गिराया गया।
माथे का सिन्दूर मेरा जूती से मिटाया गया।
हजारों ही मेरी बहन बनी मुसलमान आज।
गौ मांस खिलाया पढ़ें कलमां और कुरान आज।
हजारों ही मन्दिरों का मिटाया निशान आज।
क्या दुनिया से मिट गये हिन्दू नौजवान आज।
उस शिवा की संतान-।।3।।

परशराम और द्रोण की मर गयी संतान कहां।
महाराणा और शिवाजी वो नलवा बलवान कहां।
कहां गुरु गोविन्द सिंह सिक्खों की कृपाण कहां।
भामाशाह के बेटे ,पोते सेठ धन की खान कहां।
कहां वीर सावरकर और वो हरदयाल कहां।
कहां भाई परमानन्द उधम मदनपाल कहां।
स्वामी दयानन्द के चेले नौनिहाल कहां।
ना इधर किसी का ध्यान-।।4।।

मर गया या जिन्दा है तू ओ! भाई सुभाष आज।
जो तेरे बंगाल की सड़कों पर सड़े लाश आज।
मुस्लिम लीग कर रही है हिन्दुओं का नाश आज।
कौन है जो आकर करे मेरी पूरी आस आज।
मेरा पत्र पढ़कर बहनें सब दुर्गा भवानी बनें।
महामाया विदुला और झांसी वाली रानी बनें।
गौ भक्षक विधर्मियों की आज दुश्मन जानी बनें।
“भीष्म” की कविता में लिखी अमर कहानी बनें।
सब जालिम हो कुर्बान-।।5।।


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