🇮🇳एक-एक पग बढ़ते जायें
🚩एक-एक पग बढ़ते जायें
बल वैभव का युग फिर लायें॥
जन -जन की आँखों में जल है
भारत माता आज विकल है।
आज चुनौती हम पुत्रों को
जिसमें राष्ट्र-प्रेम अविचल है।
अपना जीवन धन्य इसी में
मुरझाये मुख कमल खिलायें॥
बिखरे सुमन पड़े है अगणित
स्नेह सूत्र में कर लें गुंफित
माता के विस्मृत मन्दिर को
मधुर गंध से कर दें सुरभित।
जननी के पावन चरणों में
कोटि सुमन की माल चढ़ायें॥
कोटि जनों की संघ शक्ति हो
सब ह्नदयों में राष्ट्र-भक्ति हो
कोटि बढ़े पग एक दिशा में
सबकें मन में एक युक्ति हो
कोटि- कोटि हाथों वाली
नव असुरमर्दिनी हम प्रगटायें॥
👊🏽इंकलाब जिंदाबाद👊🏽
🇮🇳***वन्देमातरम्***🇮🇳
🇮🇳🚩जय श्री राम🚩✌
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